आज कोर्ट की तारीख़ है मैं जल्दी निकल जाऊंगा। मां .. तुम राधा को कहना कि जल्दी व्हाइट शर्ट प्रेस कर दे। जय राधा की ओर मुड़ा और बोला की देख क्या रही हो ? जल्दी करो । राधा डरते हुए बोली भैया आज आपका व्हाइट शर्ट हम प्रेस नहीं कर पाएंगे । जय ने गुस्से में कहा आज थोड़ा देर से चली जाना, पहले से तैयारी की होती तो अभी देर नहीं होती । राधा ने डरते हुए कहा "हम तो पहले से तैयारी कर रहे थे। इसलिए आपका और मैडम जी के कपड़े धो रहे थे । तो फिर प्रेस नहीं हुआ अब तक ? भैया, मैडम जी की साड़ी, सिंदूरी रंग की.. जो अपने करवाचौथ पर गिफ्ट की थी! जय थोड़ी देर के लिए नैना की याद में खो गया । सोचते सोचते नैना की कही एक पुरानी बात याद आ गई, तुमसे बात करती हूं तो वक्त का पता ही नहीं चलता कहां गुजर जाता, देखो मेरी चाय भी एक कप से आधा कप हो गई है । जय का दिल भर गया कि कैसे कोई एक साल की शादी में दो महीने भी खुश ना रहा हो । कैसे उसने कॉलेज से लेकर शादी तक नैना की हर ख्वाहिश पूरी की थी । वही नैना आज मुझे तलाक़ के लिए कोर्ट ले जा रही है । लगता है चाय की तरह हमारा रिश्ता कभी गाढ़ा नहीं ...
कुछ उधड़े हुए ख़वाब बुन रही हूं...