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सांवली हूं मैं

 

पिछले दिनों, कई लोगो ने मुझे टेक्स्ट किया कहा कि "सुंदर लग रही हो आजकल" मैंने एक फिकी मुसकुराहट वाला इमोजी "thank you" के साथ व्हाट्सएप पर भेज दिया । लोगों के एक कमेंट ने कहा कि " looking slim", थोड़ी देर में ही ऐसे बहुत से कॉमेंट्स की झड़ी लग गई । कॉलेज के पुराने दोस्तों ने कहा कि "तू तो यार एकदम ही बदल गई है अब तो कितनी सुंदर लग रही है ।" इस बात से मुझे खुशी तो नहीं हुई, लेकिन आश्चर्य अवश्य हुआ, कैसे तेल से गुथी हुई चोटी वाली, एक सावली लड़की घुटनो से लंबी सलवार कमीज़ पहने हुए, कब स्पा किए हुए बालों के साथ, माथे पर छोटी बिंदी, कानों में लंबे झुमके और हल्के रंग का टुप्पटा ओढ़ने लगी है, अब लोग उसे सुंदर कहते हैं ।
    मैं आपको बताना चाहूंगी कि सुंदर कहलाने के पीछे, यहां  केवल श्रृंगार शब्द का प्रयोग नहीं किया गया । उसके पीछे लगा एक सीढ़ीनुमा अनुभव, जो आता है भय से लड़ने के बाद, बदसूरत कहे जाने का भय, आत्मविश्वास चूर चूर हो जाने का भय। मुझे भी भय लगा था जब सातवी कक्षा की लड़की ने स्कूल टीचर को कहते हुए सुना था " तुम एडोप्टेड हो क्या " उसने झिझकते हुए पूछा "नो टीचर", आप ऐसा क्यों कह रही हैं ? और टीचर ने तपाक से ज़वाब दिया था, अरे, वो गौरव नाम का लड़का तुम्हारा भाई है ना? वो तो कितना फेयर है, और तुम्हारे पैरानेट्स भी काफी सुंदर हैं, so I thought you are adopted.
    एक पल में भय आ गया मेरे मन में, मैं और adopted ? क्योंकि मैं सावले रंग की हूं ।
दूसरी बार मुझे भय लगा था जब मेरी द्वारा लिखी हुई पहली कविता पर मुझे जींस पहनने वाली लड़कियों  ने चिढ़ाया था "अरे नारी का सम्मान" वाली बहन जी स्टेज पर आ रही हैं । मेरे कविता सुनाने से पहले ही तालियां का शोर मेरे कानों में गूंज गया था । तीसरी बार मुझे भय लगा था जब मैंने किसी से सुना था, ओह आपकी बेटी काली है, हमारे बेटे को तो गोरी लड़की ही चाहिए । फोन रखने के बाद,  कैसे  मेरे डर ने..झुंझलाकर कहा था "काली नहीं, सावली हूं मैं" ! काली तो रात होती है जिसके बाद सवेरा होता है । भय से लड़ने के बाद का सवेरा...खैर,
पढ़ते पढ़ते आप यहां तक पहुंचे हैं तो मैं आपको बता दूं कि आज भी मुझे डर लगा जब किसी से "खूबसूरत " शब्द सुना । सुंदरता किसी रंग में नहीं यह तो केवल आत्मविश्वास में होती है जो अपने व्यक्तिव पर काम करने से आती है । अनुभवी लोग कहते हैं परिवर्तन ही तो प्रकृति का नियम है , परिवर्तन ही निरन्तर होता रहता है जैसे वो सावली लड़की अब जज़्बाती लड़की हो गई है ।



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